Tuesday, September 23, 2014

कहाँ गए मेरे यार

ये सावन करे पुकार 
तुझसे मिलने को बेक़रार 
बरसे पानी खुल के बोले
कहाँ गए  मेरे यारsssss 
ये सावन करे पुकार ......

मेरे नैना तेरे नैना से 
मिलने को बेकरार 
जब जब देखे अँखियाँ मेरी 
करते हैं चीत्कार 

कहाँ गए  मेरे यारsssss 
ये सावन करे पुकार ......

रात अँधेरी सुना जग है 
खाली लगता संसार 
कैसे कहूँ तुम ही थे मेरे 
जीवन के श्रृंगार 

कहाँ गए  मेरे यारsssss 
मेरे यार ..मेरे यार

जीवन पथ पर कैसे बढूँ  मैं 
पाता  हूँ अंधकार 
उड़ता उड़ता ये धुऑं भी 
करते है पुकार 

कहाँ गए  मेरे यारsssss 
मेरे यार ..मेरे यार




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