आज तक मैंने उन्हें
अप्सरा नहीं कहा
रम्भा नहीं कहा
मेनका नहीं कहा
क्योंकि ये कुछ देर के लिए आते
किसी के जिंदगी में
जब भोग खत्म होता
चले जाते किसी की ज़िन्दगी से
जब भी मैंने उपाधि दी
जब भी मैंने पुकारा उन्हें
राधा कहा - पार्वती कहा
जो जाने के लिए नहीं
बल्कि अपनाने के लिए होते
जन्म-जन्मांतरण तक
चिरकाल तक - अनंत तक
अप्सरा नहीं कहा
रम्भा नहीं कहा
मेनका नहीं कहा
क्योंकि ये कुछ देर के लिए आते
किसी के जिंदगी में
जब भोग खत्म होता
चले जाते किसी की ज़िन्दगी से
जब भी मैंने उपाधि दी
जब भी मैंने पुकारा उन्हें
राधा कहा - पार्वती कहा
जो जाने के लिए नहीं
बल्कि अपनाने के लिए होते
जन्म-जन्मांतरण तक
चिरकाल तक - अनंत तक


No comments:
Post a Comment