अर्ज़ है ...
करते ही क्यों हो ब्रेक-अप
दुनिया ही है विनाश के कगार पर
कुछ वर्ष तो जी लो मिलकर
हम अपना जान छिड़कते हैं तुम पर
तेरे आँखों में बसकर
हम जीना चाहते हैं
उन नयनों में खोकर
हम बसना चाहते हैं
कुछ पल तो जी लो मिलकर
हम प्यार लुटाते तुम पर
तुझसे मिलने की चाहत में
हम खड़े हैं जीवन के चौराहे पर
अगर तुम ना पढ़ते
मेरे दर्दों को समझते
नहीं कभी मैं लिखता
यूँ घुट घुट कर ना मरते
इस जीवन में साथ रह लो
ना छोडो यूँ दोराहे पर
तेरे मुस्कुराहट में जी लूँ
ये आस टिकी है तुम पर
नजरों से बाँध लूँ तुझको
प्यार वो होता है
तू पल में हो जाय मेरी
प्यार वो होता है
तुझे देखते ही भा जाय
प्यार वो होता है
तू मुस्कराकर इंकार करे
प्यार वो होता है
तेरे नयनों में समां जाऊँ
प्यार वो होता है
तू समाने में आनाकानी करे
प्यार वो होता है
दूर रहकर भी तू तड़पाये
प्यार वो होता है
चैन से तू ना रहने दे
प्यार वो होता है
तुझे लिपट लिपट कर चाहूँ
प्यार वो होता है
तेरे इर्द गिर्द घूमता जाऊँ
प्यार वो होता है
पलकों के आँसू गिरने ना दे
प्यार वो होता है
बार बार आँसू गिराकर प्यार पाऊँ
प्यार वो होता है
तेरे चाहने में कमी नहीं कर पाऊँ
प्यार वो होता है
मैं इतना ही चाहा तुझे,ये कहकर तू रूठ जाय
प्यार वो होता है
चन्द छन्द महसूस के .. एक गजल ..
तेरे संग गुजारने को कुछ पल
हर पल हम तरसते रहे
तुम किस किस के साथ रहकर
हर पल गुजार चलते रहे
छुआ भी नहीं तुम्हें हम कभी
पर हर पल तुझे छूते रहे
मंदिर हो या हो मनमंदिर
हर जगह तुझे पूजते रहे
तेरे संग ...
देख देख तरसता रहा मैं
अकेले में आँसू बहाते रहे
एक पल को देख लूँ जी भर
हर पल को हम तरसते रहे
तेरे संग ...
मौका तो देते एक पल ही सही
हर वक्त मुझसे भागते रहे
हर पल दिल ने अल्फ़ाज़ उठाई
मगर हमेशा तुम कतराते रहे
तेरे संग ...
अर्ज़ है .. एक गीत .. दुनिया के हालात पर
डेट पर चल एक दिन ही सही
मेरी मुराद पूरी कर दे
फिर कब मिले ना मिले इस जिंदगी में
मेरी मुराद तो पूरी कर दे
देखते ही तुझे दिल से दीखता
अर्ज़ करने को दिल महसूसता
बोल आ कर लबों पर
तेरे नयनों से हाँ की इंतज़ार करता
कर दे मुराद पूरी मेरी
मेरी मुराद तो पूरी कर दे
फिर मिले ना मिले इस जिंदगी में
अगली जिंदगी की तारीख मुकर्रर कर दे
आज तक मैं बोल नहीं पाया किसी से
आई लव यू
बिन तेरे बोले कैसे बोल पाउँगा
तड़पता हूँ मैं तेरे लिये,कैसे रह पाउँगा
डेट पर चल एक दिन ही सही..
एक मँगनी क्या, चाहे तू दस दस कर ले
तेरे लिए जो प्रेम की आग है
वो आग कभी खत्म ना होगी समझ ले
मुझ तड़पते इंसान को थोड़ा तो जिन्दा कर ले
डेट पर चल एक दिन ही सही
सबकुछ ठीक हो जाएगा
कभी पीछे ना हटूँगा
तेरे हाँ से ही मैं चल पाउँगा
कुछ नहीं है इस जिंदगी में
ये धरती युहीं चलती रहेगी
कभी ट्रम्प कभी मोदी
जिसे जो करनी है करती रहेगी
डेट पर चल एक दिन के लिए सही
सब कुछ ठीक हो जाएगा
मेरी मुराद को पूरा कर दे
ये अर्ज़ हमेशा तुझसे करता रहेगा
☺☺😊😢🎂💐
बना लो मुझे गुलाम तेरी गुलामी करूँगा
थोड़ा बहुत तुझसे नमकहरामी करूँगा
तुम मुझे सिखाना नमकहलाली करना
पर मैं कुछ ना सीखकर दिल्लगी करूँगा
बना लो मुझे गुलाम...
तेरे देहरी पर रहकर गुलामी करूँगा
देख देख तुझको आहें भरूँगा
आँख मार मार कर रिझाया करूँगा
अपनी लगन की बात तुझसे करूँगा
बना लो मुझे गुलाम...
तेरे झूठे गुस्से पर डरता रहूँगा
आगोश में ले कर कहता रहूँगा
ठंड की सी सी में सटता रहूँगा
तेरे गर्म साँसों में आहें भरूँगा
बना लो मुझे गुलाम...
देख देख कर तुझे तड़पता रहूँगा
तेरे नखरे पर फ़िदा होता रहूँगा
जुल्फों के झटके से उड़ता रहूँगा
गुदगुदी लगाकर पकड़ता रहूँगा
बना लो मुझे गुलाम...
लगन कर के मुझसे अग्न जला लो
ठंढी सिगड़ी जलाकर बीड़ी फूँक लो
मैं नहीं जानता कि तुम रूठी हुई हो
हमारी यारी में लगन कर मगन हो लो
बना लो मुझे गुलाम...