अरी नटखट सी गोरी
कहाँ छुपे तुम संसार में
दीपों की श्रृंखला सजी
एक दीप जलाओ प्यार में
लाल रंगीली चुनरी में
लागे तुम कातिल सी
कजरारी नयनों से
घायल करे माहिर सी
अरी नटखट वावरी- दिखा
कैसे तीर चलाये मुस्कान से
देखने को तरसे तेरी बतीसी
हँसे जो तू खिलखिलाहट से
बूटों की खटखट नजाकत से निकलते
सुनने को मेरे कान सचमुच को तरसे
सुना नहीं कबसे तूने सुनाया नहीं जबसे
सुना भी दे वो गोरी आस में बैठा अरसे
अरी धीर-गंभीर गोरी
कैसे बैठे तुम नजाकत से
रंगों की रंगोली बनाकर
दो दीप जलाओ प्यार से
अरी नटखट सी गोरी
कहाँ छुपे तुम संसार में
दीपों की श्रृंखला सजी
एक दीप जलाओ प्यार में
कहाँ छुपे तुम संसार में
दीपों की श्रृंखला सजी
एक दीप जलाओ प्यार में
लाल रंगीली चुनरी में
लागे तुम कातिल सी
कजरारी नयनों से
घायल करे माहिर सी
अरी नटखट वावरी- दिखा
कैसे तीर चलाये मुस्कान से
देखने को तरसे तेरी बतीसी
हँसे जो तू खिलखिलाहट से
बूटों की खटखट नजाकत से निकलते
सुनने को मेरे कान सचमुच को तरसे
सुना नहीं कबसे तूने सुनाया नहीं जबसे
सुना भी दे वो गोरी आस में बैठा अरसे
अरी धीर-गंभीर गोरी
कैसे बैठे तुम नजाकत से
रंगों की रंगोली बनाकर
दो दीप जलाओ प्यार से
अरी नटखट सी गोरी
कहाँ छुपे तुम संसार में
दीपों की श्रृंखला सजी
एक दीप जलाओ प्यार में





