Tuesday, November 10, 2015

दीप जलाओ खुशियाँ लाओ

दीप जलाओ दीप जलाओ दीप जलाओ रे
आओ सब मिल कर गाओ दीप जलाओ रे

मन के अंधियारे को भगाओ मन जगाओ रे 
हर्षित मन से स्फूर्ति लाओ दीप जलाओ रे 

दीप जलाओ दीप जलाओ उजाला लाओ रे
मिलजुल के खुशियाँ मनाओ दीप जलाओ रे 

राम के वन से लौटने का खुशियाँ मनाओ रे 
आर्यावर्त में राम राज्य लौटा दीप जलाओ रे

राम नाम के गुण गाओ राम को भज लो रे 
सीता राम जय हनुमान राम को भज लो रे 

दीप जलाओ उजाला लाओ मीठा खाओ रे
हिल मिल के खुशियाँ बाटों आज दीवाली रे 

देख लो आसपास कोई रूठा ना हो बैठा रे 
एक दीप नयन में सजा कर ज्योत लाओ रे 

दीप जलाओ दीप जलाओ दीप जलाओ रे
दीपों की माला सजाकर दिल से गाओ रे 

रंगोली को बनाती रमणी मृगनयनी बनी रे 
यादों के संग याद कर लो आज दीवाली रे 

दीप जलाओ दीप जलाओ दीप जलाओ रे
आओ सब मिल कर गाओ दीप जलाओ रे 


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