चन्द छन्द महसूस के .. एक गजल ..
तेरे संग गुजारने को कुछ पल
हर पल हम तरसते रहे
तुम किस किस के साथ रहकर
हर पल गुजार चलते रहे
छुआ भी नहीं तुम्हें हम कभी
पर हर पल तुझे छूते रहे
मंदिर हो या हो मनमंदिर
हर जगह तुझे पूजते रहे
तेरे संग ...
देख देख तरसता रहा मैं
अकेले में आँसू बहाते रहे
एक पल को देख लूँ जी भर
हर पल को हम तरसते रहे
तेरे संग ...
मौका तो देते एक पल ही सही
हर वक्त मुझसे भागते रहे
हर पल दिल ने अल्फ़ाज़ उठाई
मगर हमेशा तुम कतराते रहे
तेरे संग ...
तेरे संग गुजारने को कुछ पल
हर पल हम तरसते रहे
तुम किस किस के साथ रहकर
हर पल गुजार चलते रहे
छुआ भी नहीं तुम्हें हम कभी
पर हर पल तुझे छूते रहे
मंदिर हो या हो मनमंदिर
हर जगह तुझे पूजते रहे
तेरे संग ...
देख देख तरसता रहा मैं
अकेले में आँसू बहाते रहे
एक पल को देख लूँ जी भर
हर पल को हम तरसते रहे
तेरे संग ...
मौका तो देते एक पल ही सही
हर वक्त मुझसे भागते रहे
हर पल दिल ने अल्फ़ाज़ उठाई
मगर हमेशा तुम कतराते रहे
तेरे संग ...

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