अभी तुम बात करते
कितना अच्छा होता
यहाँ की रिमझिम की फुहार कीं बुँदे
बातो ही बातो में तुम तक पहुँचाता
रात जो देखा तेरे जुल्फों को
अनायास ही मन में बादल छाये
घनघोर घटा का मौषम
अनायास ही दिल में आये
रात भर तो तुम बरसे ही सपने में
उमर घुमड़ तन-बदन में छाये
सुबह सुबह आसमान में भी
घनघोर बादल थे छाये
देखते देखते बरसने लगे
तन-बदन को भिंगाये
अभी तुम बात करते
कितना अच्छा होता
यहाँ की एक एक बून्द की खबर
तुम्हे देता और भिंगाता और खुद भींगता
किस जिद्द पे अड़े हो
पता नहीं लगता
एक जगह ठिकाना रखो
सचमुच तेरे विचारों का पता नहीं लगता
कभी मन के बातो में चलते
कभी तन के बातों में चलते
कभी तो दिल के बातो में चलो
जैसे मैं चलता हूँ तुम भी चलो
कुछ नहीं घटेगा तेरा
कुछ नहीं खर्चेगा तेरा
जब दिल की बात दिल से होते
कहीं भी मिलते दिल से दिल मिलते
कभी भी मिलते हिल-मिल चलते
कुछ पल गुनगुना लेते
हरपल जी लेते
पल पल जी लेते
अभी तुम बात करते
कितना अच्छा होता
यहाँ की रिमझिम की फुहार कीं बुँदे
बातो ही बातो में तुम तक पहुँचाता
कितना अच्छा होता
यहाँ की रिमझिम की फुहार कीं बुँदे
बातो ही बातो में तुम तक पहुँचाता
रात जो देखा तेरे जुल्फों को
अनायास ही मन में बादल छाये
घनघोर घटा का मौषम
अनायास ही दिल में आये
रात भर तो तुम बरसे ही सपने में
उमर घुमड़ तन-बदन में छाये
सुबह सुबह आसमान में भी
घनघोर बादल थे छाये
देखते देखते बरसने लगे
तन-बदन को भिंगाये
अभी तुम बात करते
कितना अच्छा होता
यहाँ की एक एक बून्द की खबर
तुम्हे देता और भिंगाता और खुद भींगता
किस जिद्द पे अड़े हो
पता नहीं लगता
एक जगह ठिकाना रखो
सचमुच तेरे विचारों का पता नहीं लगता
कभी मन के बातो में चलते
कभी तन के बातों में चलते
कभी तो दिल के बातो में चलो
जैसे मैं चलता हूँ तुम भी चलो
कुछ नहीं घटेगा तेरा
कुछ नहीं खर्चेगा तेरा
जब दिल की बात दिल से होते
कहीं भी मिलते दिल से दिल मिलते
कभी भी मिलते हिल-मिल चलते
कुछ पल गुनगुना लेते
हरपल जी लेते
पल पल जी लेते
अभी तुम बात करते
कितना अच्छा होता
यहाँ की रिमझिम की फुहार कीं बुँदे
बातो ही बातो में तुम तक पहुँचाता


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