दिल दिल से बनी दिल्ली में
एक दिल धड़क रहा है
कायनात भी है खाली
ऐसा दिल कह रहा है
कौन लफ्ज उनके लिए चुनूँ
मेरा मन कह रहा है
अरमान है उनसे मिलने का
मौका तलाश रहा है
कहा जाऊँ मैं उनसे मिलने
पहले भी भटक के आ गया है
बस दूर से उन्हें देख के युहीं
खाली हाथ आ गया है
फरमान नहीं है मिलने का
बहुत दूर है प्यार की बात
बात करना भी दूभर है
करते हैं वो बड़ी बड़ी बात
सागर सा उन्हें दुःख है
देखे तो है कितना रवानी
मेरे पास भी है दिल-का-सागर
जो समां लेते हैं रिस्ते पानी
चल चलते हैं किसी सागर पास
जहाँ मिलते हैं सबके सारे आस
चाँद भी लहर उठा हिलोरे देगा
छंट जायेगा सारे दुःख के सांस
ऐसे क्या देखते हो तुम
दूर गगन में चाँद को
मिला लो तुम अपनी सूरत
कह दो मेरे मन-के-चाँद को
बता भी दिया था एक दिन
कि झांक लो बंद खिड़की से
देखो इंगित किया है लाल से
बैठ के बात तो हो अच्छे से
देखो खो गया चाँद गगन में
जो हैं मेरा दिल का तारा
ढूंढ़ता रहता हूँ सितारों में
पर मिलता नहीं कोई किनारा
एक दिल धड़क रहा है
कायनात भी है खाली
ऐसा दिल कह रहा है
कौन लफ्ज उनके लिए चुनूँ
मेरा मन कह रहा है
अरमान है उनसे मिलने का
मौका तलाश रहा है
कहा जाऊँ मैं उनसे मिलने
पहले भी भटक के आ गया है
बस दूर से उन्हें देख के युहीं
खाली हाथ आ गया है
फरमान नहीं है मिलने का
बहुत दूर है प्यार की बात
बात करना भी दूभर है
करते हैं वो बड़ी बड़ी बात
सागर सा उन्हें दुःख है
देखे तो है कितना रवानी
मेरे पास भी है दिल-का-सागर
जो समां लेते हैं रिस्ते पानी
चल चलते हैं किसी सागर पास
जहाँ मिलते हैं सबके सारे आस
चाँद भी लहर उठा हिलोरे देगा
छंट जायेगा सारे दुःख के सांस
ऐसे क्या देखते हो तुम
दूर गगन में चाँद को
मिला लो तुम अपनी सूरत
कह दो मेरे मन-के-चाँद को
बता भी दिया था एक दिन
कि झांक लो बंद खिड़की से
देखो इंगित किया है लाल से
बैठ के बात तो हो अच्छे से
जो हैं मेरा दिल का तारा
ढूंढ़ता रहता हूँ सितारों में
पर मिलता नहीं कोई किनारा


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