जब तु फूल बन कुछ अंकित कर रहा था
नींद में आये भजन को मैं अंकन कर रहा था
तुम्हे पता नहीं-तुम क्या हो, सचमुच में अवतार हो
देख लो मेरे कभी आँखों से-अगर तुम्हे विश्वास न हो
पता नहीं क्यों-तुझे धन्यवाद भी नहीं देना चाहता
तुझसे मुआफ़ी भी नहीं मांगना चाहता
तेरे सामने गिरगिराना भी नहीं चाहता
बस प्यार करना चाहता, बस दुलार करना चाहता
ऐसा लगता हैं बहुत पी लिया, ऐसा लगता हैं बहुत जी लिया
ऐसा जीना भी क्या जीना था जो तेरे रहते भी - तेरे बिन जिया
अब छोडो यह भाव और सुनो कृष्णा का भजन, जो था सपने में आया
और बताओ- कैसा हैं यह भजन, जो खुद तूने मेरे कान में आकर दिया
भजन .......
=====
अति मनोरम मधुरम सुंदरम
कन्हैया तेरे खेल निराले
श्यामल कोमल रंग है तेरे
कन्हैया तेरे नयन निराले
यमुना तट पर नटखट कन्हैया
मुरली की धुन तू छेड़े .. कन्हैया..आआआआआआ
राधा प्यारी छुप-छुप तेरे ही धुन को सुने...कन्हैया..आआआआआआ
कन्हैया तेरे धुन बड़े निराले
रास रचाये पुरे रस में , फिर भी मदन भगाये
रति को भी रतने न दिए तुम, दुनिया को भरमाये
कन्हैया..आआआआआआ - तेरे हैं खेल निराले
शिव-उमा के एकक रूप को पल-पल में सरल उतारे
राधा कौन - कृष्णा कौन - सारे जग को भरमाये
तेरे खेलsssss कन्हैया..आआआआआआ - तेरे खेल हैं बड़े निराले
नींद में आये भजन को मैं अंकन कर रहा था
तुम्हे पता नहीं-तुम क्या हो, सचमुच में अवतार हो
देख लो मेरे कभी आँखों से-अगर तुम्हे विश्वास न हो
पता नहीं क्यों-तुझे धन्यवाद भी नहीं देना चाहता
तुझसे मुआफ़ी भी नहीं मांगना चाहता
तेरे सामने गिरगिराना भी नहीं चाहता
बस प्यार करना चाहता, बस दुलार करना चाहता
ऐसा लगता हैं बहुत पी लिया, ऐसा लगता हैं बहुत जी लिया
ऐसा जीना भी क्या जीना था जो तेरे रहते भी - तेरे बिन जिया
अब छोडो यह भाव और सुनो कृष्णा का भजन, जो था सपने में आया
और बताओ- कैसा हैं यह भजन, जो खुद तूने मेरे कान में आकर दिया
भजन .......
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अति मनोरम मधुरम सुंदरम
कन्हैया तेरे खेल निराले
श्यामल कोमल रंग है तेरे
कन्हैया तेरे नयन निराले
यमुना तट पर नटखट कन्हैया
मुरली की धुन तू छेड़े .. कन्हैया..आआआआआआ
राधा प्यारी छुप-छुप तेरे ही धुन को सुने...कन्हैया..आआआआआआ
कन्हैया तेरे धुन बड़े निराले
रास रचाये पुरे रस में , फिर भी मदन भगाये
रति को भी रतने न दिए तुम, दुनिया को भरमाये
कन्हैया..आआआआआआ - तेरे हैं खेल निराले
शिव-उमा के एकक रूप को पल-पल में सरल उतारे
राधा कौन - कृष्णा कौन - सारे जग को भरमाये
तेरे खेलsssss कन्हैया..आआआआआआ - तेरे खेल हैं बड़े निराले

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