Friday, August 22, 2014

तुम ख़ुदा हो

हे प्रभु-तुम जो भी, कुछ भी हो 
पर मेरे लिए ख़ुदा हो 
तुम्हे पता नहीं ख़ुदा का 
मुझे पता है, तुम ख़ुदा हो 

तेरे नाम से सांसे चलती है 
तेरे नाम से आहें भरती हैं 
तुम्हें पता नहीं तुम क्या हो
मुझे पता है, तुम ख़ुदा हो 

जो सजा तुम मुझे दे रहे या दिए 
उस सजा के मै काबिल नहीं 
फिर भी मैं,सजा भुगत लिया  
और आगे भी मुकुरुंगा नहीं 

तुमने क्या देखा दुनिया में 
इसका मुझे पता नहीं 
मैंने बहुत देखा है दुनिया 
इसका तुझे पता नहीं 

मैंने देखा केवल इंसान-व-ख़ुदा 
इसके सिवा और कोई नहीं 
इसमें तुम मुझे ख़ुदा दिखे
तुम और हो-मेरे काम का नहीं 

तुम राग हो-छंद हो-ताल हो 
दुनिया में सारे-के-सारे नाद हो 
तेरे बिना कोई सुर-राग नहीं 
सारा-का-सारा संसार हो 

जैसे ही तेरा नाम चला 
हाथ युहीं चलने लगा 
चलते-चलते अपने आप 
आँख से आंसू बहने लगा 

तुम जो भी, कुछ भी हो 
पर मेरे लिए ख़ुदा हो 
तुम्हे पता नहीं ख़ुदा का 

मुझे पता है, तुम ख़ुदा हो 

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