जब तुम मुस्कुराती हो
चाँद सी शर्माती हो
चुपके से मेरे नैनों में
दिल में उतर जाती हो
चैन-वैन सब लूट के तू
मन ही मन समाती हो
जब-जब पूछूं तेरी बातें
दिल में कूक जगाती हो
जैसे ही पवन का झौंका
छूता है मेरे तन को
याद आते है तेरा तन
कैसे छुआ होगा तुझको
उडाता है मेरे बालों को
याद आते तेरे रेशमी बाल
कैसे उड़ते थे तेरी जुल्फें
जब तू रखते थे खुले बाल
तेरी चाल-ढाल सब अनोखी
उस अदा पे निकले-उफ़
खुली दुपहरी में भी
छा जाय अँधेरा घुफ़
छूने को बदन तेरा
हाथ अपने से बहके
ऐसा लगे-छूते तू भी गोरी
मन-ही-मन चहके
ठण्ड की पहली प्रहर
शीत जगाये तन में
अगन लगाये तन में गोरी
आलिंगन की आस में
लाल-लाल रतनार सा
गोरी तू छैल-छबीली
किस दुनिया में उलझे तू
आ चल मिले हमजोली
चाँद सी शर्माती हो
चुपके से मेरे नैनों में
दिल में उतर जाती हो
चैन-वैन सब लूट के तू
मन ही मन समाती हो
जब-जब पूछूं तेरी बातें
दिल में कूक जगाती हो
जैसे ही पवन का झौंका
छूता है मेरे तन को
याद आते है तेरा तन
कैसे छुआ होगा तुझको
उडाता है मेरे बालों को
याद आते तेरे रेशमी बाल
कैसे उड़ते थे तेरी जुल्फें
जब तू रखते थे खुले बाल
तेरी चाल-ढाल सब अनोखी
उस अदा पे निकले-उफ़
खुली दुपहरी में भी
छा जाय अँधेरा घुफ़
छूने को बदन तेरा
हाथ अपने से बहके
ऐसा लगे-छूते तू भी गोरी
मन-ही-मन चहके
ठण्ड की पहली प्रहर
शीत जगाये तन में
अगन लगाये तन में गोरी
आलिंगन की आस में
लाल-लाल रतनार सा
गोरी तू छैल-छबीली
किस दुनिया में उलझे तू
आ चल मिले हमजोली


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