देख के तेरा तन-मन से मनवा मेरा डोले
राग-रागिनी तेरे अंग से कुहू-कुहू बोले
कैसे कहूँ तोसे सजनी-तू खूब छबीली होले
हमें भी ले चल अपने संग-मनवा मेरा बोले
लाल-लाल तेरी चुनरिया-खूब रंगीनी होले
गरबा के रंग में गोरी-खूब खेल तू खेले
नाच-नाच के कमर के लोच-खूब हल्ला बोले
देखा जब से फोटु तेरा-मनवा मेरा डोले
छैल-छबीली रंग-रंगीली तेरे नैन निराले
काले-काले बालों में फूलों की बगियन डाले
यह रसिक-मन से तुझे-सोलह श्रृंगार करा ले
दिल से कहूँ कि तू गोरी-बस मेरी दिल की होले
सचमुच मौका दे दे अब - मुझको लेके उड़ ले
दिल की बात दिल ही जाने- मनवा मेरा डोले
कहत कबीर सुनो भाई साधु की राग में रंग ले
देखा नहीं तुझसा गोरी - तेरा मनवा भी बोले
तू जब चलती-ठुमुक ठुमुक-सबके मनवा डोले
तेरी कूक पर कोयल भी हलके-हलके कुहू बोले
फिर मैं कहाँ पाऊँ गोरी-अपनी आवाज़ सुना ले
खिड़की खोल के बोल दे गोरी-अपनी रंग जमा ले
राग-रागिनी तेरे अंग से कुहू-कुहू बोले
कैसे कहूँ तोसे सजनी-तू खूब छबीली होले
हमें भी ले चल अपने संग-मनवा मेरा बोले
लाल-लाल तेरी चुनरिया-खूब रंगीनी होले
गरबा के रंग में गोरी-खूब खेल तू खेले
नाच-नाच के कमर के लोच-खूब हल्ला बोले
देखा जब से फोटु तेरा-मनवा मेरा डोले
छैल-छबीली रंग-रंगीली तेरे नैन निराले
काले-काले बालों में फूलों की बगियन डाले
यह रसिक-मन से तुझे-सोलह श्रृंगार करा ले
दिल से कहूँ कि तू गोरी-बस मेरी दिल की होले
सचमुच मौका दे दे अब - मुझको लेके उड़ ले
दिल की बात दिल ही जाने- मनवा मेरा डोले
कहत कबीर सुनो भाई साधु की राग में रंग ले
देखा नहीं तुझसा गोरी - तेरा मनवा भी बोले
तू जब चलती-ठुमुक ठुमुक-सबके मनवा डोले
तेरी कूक पर कोयल भी हलके-हलके कुहू बोले
फिर मैं कहाँ पाऊँ गोरी-अपनी आवाज़ सुना ले
खिड़की खोल के बोल दे गोरी-अपनी रंग जमा ले



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