दीप जलाये नयन बिछाए
खो गई है किसी यादों में
मेरे दिल की मन-मृगनैनी
मुस्कुरा रही है इरादों में
रंग-रंगोली की सेज है
लाल-पिली सभी रंगो का
कई रंगो का मेल-जोल से
अनोखा मिश्रण है रंगों का
कई दीपों से दीप सजाकर
रंग-दीप बन गया है रंगोली में
सचमुच अद्भुत छटा है छाई
अरमान दिख रहा है आँखों में
किसकी बाट जोह रही मृगनैनी
दीप समूह जलाये आँगन में
किसको नयनों में बसाये
मुस्कुरा रही है दिल ही दिल में
दीपों का दीप सजाकर
दीप सज गया है नयनन में
ज्योत जलाये रंग जमाये
चमक दिख रहा है चेहरे में
दीप-समूह से छंट गया अँधेरा
अमावस नहा उठा है रौशनी में
मुस्कुराहट निकल रही है ऐसी
मैं खिल रहा हूँ दिल ही दिल में
याद आती है एक तस्वीर पुरानी
जिस वर्ष मिला था उस दिवाली का
लिखा था कुछ अधूरा अधूरा सा
बस वर्णन किया था मृगनैनी का
दिल करता है उड़ के जाऊं
बैठ जाऊं मैं उसके संग
दीपों से निकली रौशनी में
बिताऊं शाम मृगनैनी संग
लाल-पिली रंग-रंगोली संग
छू कर उसके गुलाबी-अंग
दीपों से निकली रोशनी में
देखूं उसका हर बदलता रंग
दीप जलाये नयन बिछाए
खो गई है किसी यादों में
मेरे दिल की मन-मृगनैनी
मुस्कुरा रही है इरादों में
खो गई है किसी यादों में
मेरे दिल की मन-मृगनैनी
मुस्कुरा रही है इरादों में
रंग-रंगोली की सेज है
लाल-पिली सभी रंगो का
कई रंगो का मेल-जोल से
अनोखा मिश्रण है रंगों का
कई दीपों से दीप सजाकर
रंग-दीप बन गया है रंगोली में
सचमुच अद्भुत छटा है छाई
अरमान दिख रहा है आँखों में
किसकी बाट जोह रही मृगनैनी
दीप समूह जलाये आँगन में
किसको नयनों में बसाये
मुस्कुरा रही है दिल ही दिल में
दीपों का दीप सजाकर
दीप सज गया है नयनन में
ज्योत जलाये रंग जमाये
चमक दिख रहा है चेहरे में
दीप-समूह से छंट गया अँधेरा
अमावस नहा उठा है रौशनी में
मुस्कुराहट निकल रही है ऐसी
मैं खिल रहा हूँ दिल ही दिल में
याद आती है एक तस्वीर पुरानी
जिस वर्ष मिला था उस दिवाली का
लिखा था कुछ अधूरा अधूरा सा
बस वर्णन किया था मृगनैनी का
दिल करता है उड़ के जाऊं
बैठ जाऊं मैं उसके संग
दीपों से निकली रौशनी में
बिताऊं शाम मृगनैनी संग
लाल-पिली रंग-रंगोली संग
छू कर उसके गुलाबी-अंग
दीपों से निकली रोशनी में
देखूं उसका हर बदलता रंग
दीप जलाये नयन बिछाए
खो गई है किसी यादों में
मेरे दिल की मन-मृगनैनी
मुस्कुरा रही है इरादों में



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