Monday, October 20, 2014

इस तस्वीर में दीखता तेरा अल्हडपन

देख के तेरा रूप सलोना 
दिल मेरा खुश हो जाता है 
आ जा वो मृगनैनी मेरे 
मेरा दिल तुझसे टकराता है 

तेरे अदाओं से, खिल खिल जाता 
मेरा मन फूल बगियाँ से 
ऐसी कशिश ना देखी कभी 
रुके ना मन-भौरां मंडराने से 

ले के अंगराई जो तूने देखी 
बाहों में भरने को दिल आता है 
आ जा वो मनमोहिनी मेरी 
मेरा दिल तेरे बिन तड़पता है 

देख के तेरा रूप सलोना 
दिल मेरा खुश हो जाता है ...


इस तस्वीर में दीखता तेरा 
भोली जवानी कुछ अल्हड सा 
तेरा प्यार भी मेरे लिए
दिखता है कुछ प्यारा सा 

देख के तेरा प्यार मेरे लिए 
दिल मेरा खुश हो जाता है 
आ जा वो मृगनैनी मेरे 
मेरा दिल कबसे तड़पता है 

देख के तेरा रूप सलोना 
दिल मेरा खुश हो जाता है ...

कब की है ये तस्वीर बताओ 
तब से तू क्यों थे छुपाये हुए 
जब मैं तेरे लिए तड़पता था 
तब क्यों थे तेरे हवाएँ उड़े हुए 

ऐसी भी क्यों दुरी है अब 
चांदिनी रातें आहें भरता है 
तुझसे मिलने को मृगनैनी 
मेरा दिल बहुत तड़पता है 

देख के तेरा रूप सलोना 
दिल मेरा खुश हो जाता है ...




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