Monday, July 21, 2014

राधा हुई बावरी

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा 
सोच में पड़ के 
कृष्णा भये आधा 

राधा रचाये रास-रंग 
कृष्णा रहे इंतज़ार में 
कलियुग में राधा 
रंग गई कृष्णा-रंग में 

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा ..

होरी भी बीती सूखी
सावन भी रीत रहा 
कैसे समझे राधा
कृष्णा है सोच रहा 

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा ...

राधा कब समझेंगे 
कि है वह राधा 
कृष्णा की एक न माने
राधा माने अपने को आधा 

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा ...

कृष्णा की बांसुरी 
लगे राधा को आसुरी 
मृगनैनी है आँखे 
पर बन रही गंधारी 

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा ...

खुल के बोल दिए राधा को 
सब शर्तें भी मंज़ूर किये 
फिर भी मग्न है राधा 
कलयुग के रंग लिए 

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा ...

राधा की संखिया भी 
राधा संग मग्न हुए 
कलयुग के रंग देख
द्वापर भी दंग हुए  

राधा हुई बावरी 
कृष्णा भये राधा 
सोच में पड़ के 
कृष्णा भये आधा 



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