Saturday, November 1, 2014

तुझे गमगीन देख दिल तड़प उठा

क्यों तुझे गमगीन देख 
दिल तड़प जाता है 
क्यों तुझे खुशहाल देख 
दिल खुश हो जाता है 

देखा जो तेरा गमगीन तस्वीर   
मेरा दिल सचमुच तड़पने लगा 
किस सोच में आज डूबे हो तुम 
मैं सोच में यहाँ सही में डूबने लगा 

तुम अच्छे लगते हो मुस्कुराते हुए 
मत गमगीन दिखा अपने को  मुझे 
नहीं दे सके तुम प्यार,कोई बात नहीं  
तू खुश रहोगे, समझूंगा, मिल गया मुझे 

ना तेरा सन्देश आता, ना तेरा आदेश 
ऐसे में जाऊं कहाँ, तेरे किस गली-प्रदेश 
जैसे तैसे दिन बीतता, ख़त्म ना होती रात 
सचमुच तुझसे ऐसे जुड़ा जैसे छूट गया है देश 

नीला आसमान में खामोश चाँद 
क्यों आज सुना-सुना लग रहा है 
तेरे आँख की चमकती रौशनी 
भी थोड़ा-थोड़ा धुंधला लग रहा है 

हाथ टिकाये, दिल को थामे 
सचमुच मन की मूर्त लगते 
आओ गोरी - तुझे हंसा दूँ 
ये आँखे तुझे देखने को तरसते 

आज तुझे गमगीन देख 
सचमुच दिल तड़प गया है 
देखने को तुझे खुशहाल  
मेरा आँख सचमच भर गया है 

क्यों तुझे गमगीन देख 
दिल तड़प जाता है 
क्यों तुझे खुशहाल देख 
दिल खुश हो जाता है 

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