Wednesday, November 5, 2014

ना तुम्हे होश है, ना मुझे होश है

ना तुम्हे होश है, ना  मुझे होश है 
हम बहे जा रहे हैं, बेपनाह मोहब्बत में 
ना तुझे फ़िक्र है, ना मुझे फ़िक्र है 
हम चले जा रहे हैं अंधियारे से गली में 

दर्द इतना ही हो कि दर्द का मिशाल हो  
दर्द इतना भी ठीक नहीं कि एक मशाल हो 
तड़पते रहे हम युहीं तेरे अनंत इंतज़ार में 
पता नहीं क्यों सफर को लगता एक मुकाम हो 

मैं यह तोहमत लगाता कि तुम हो मजे में
तुम यह तोहमत लगाते कि मैं तो हूँ मजे में 
हम दोनों ने खरीद ली बेमोल की मोहब्बत 
वक़्त जाया होता बस समझने और समझाने में 

मेरा तो कुछ ठिकाना भी है, तू तो है नदी की तरह
जिधर चाहे तुम मुड़ जाते,मेरा तो है बस तू ही डगर 
प्यार के अहसास की जगह तेरा अहसान सा दीखता 
पहले तू अपना बना ठिकाना,फिर दिखा अपना जिगर 

एक गाना याद आता है, जो तुझे समर्पित है-

मैं  तेरे इश्क़ में, मर ना जाऊँ कहीं,
तू मुझे आज़माने की कोशिश ना कर
खूबसूरत है तू,  तो हूँ में भी हसीन,
मुझसे नज़रें चुराने की कोशिश ना कर

शौक से तू मेरा इम्तिहान ले,
तेरे कदमों में रख दी है जान ले,
बेखबर, बेकदर, मान जा ज़िद्ध ना कर
तोड़कर दिल मेरा आए मेरे हमनशीं
इस तरह मुस्कुराने की कोशिश ना कर

मैं  तेरे इश्क़ में,

फेर ली क्यों नज़र मुझसे रूठ कर
दिल के तुड़के हुए टूट-टूट कर
क्या कहा दिलरुबा तू है मुझसे खफा
के बहाने है येह, येह  हकीकत नहीं,
तू बहाने बनाने की कोशिश ना कर

मैं  तेरे इश्क़ में,

कब से बेठी  हूँ  में इंतज़ार में,
झूठा वाडा ही कर कोई प्यार में
क्या सितम है सनम, तेरे सर की कसम
याद चाहे ना कर, तो मुझे गम नहीं
हाँ, मगर भूल जाने की कोशिश ना कर

मैं तेरे इश्क़ में, मर ना जाऊँ कहीं,
तू मुझे आज़माने की कोशिश ना कर
खूबसूरत है तू,  तो हूँ में भी हसीन,
मुझसे नज़रें चुराने की कोशिश ना कर


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