Monday, November 17, 2014

बहुत दिन बाद हँसाने को दिल करता है

तुझे मनाने को दिल करता है 
तुझसे मिलने को दिल करता है 
तुझे हँसाने को दिल करता है 
तुझे चिढ़ाने को दिल करता है 

तस्वीर में जो देखा तुझे सुहागन के साथ 
दिल में हुआ कि पूछूँ क्या है तेरा  विचार ;) 
क्या तुझे भी दिल हो रहा है सुहागन बनने का 
आओ मिलकर करते हैं हम दोनों ये शुभ विचार   ;) 

यह सोचते ही दिल मेरा बाग़-बाग़ खिल गया 
दूर से ही तुझे गुदगुदी करने को हो गया 
यह सोच के कि कैसे तुम खिलखिला रहे होगे 
तन-बदन में रोम-रोम उठ कर खड़ा हो गया 

तुझे चिढ़ाने को दिल करता है 
तुझे हँसाने को दिल करता है 
तुझे मनाने को दिल करता है 
तेरे साथ हँसने को दिल करता है 

तेरी भूख-प्यास देख के दिल मेरा पिघल गया
पूछूँ क्या है तेरा हाल दिल मेरा मचल गया
जब मैंने दी आवाज़- तू बात करने से मुकर गया 
तेरी प्यास और मेरा दर्द कहीं अनंत में खो गया  

क्या कहूँ - देख कर ये तेरी बेरुखी 
दिल करता है कि पूछूँ क्यों सुनते नहीं 
शायद तूने अबतक यह हक़ नहीं दिया 
इसलिए तो तुम मुझसे बात करते नहीं 

आज तुझे मनाने को दिल करता है 
कबसे तुझे हँसाने को दिल करता है 
आज तुझे मनाने को दिल करता है 
साथ-साथ हँसने को दिल करता है 

फिर देखा तेरा शौख़-पीछा करने को हुआ 
किसपे गिरा गाज़ तुझसे पूछने को हुआ 
मुस्कराहट से भरी सन्देश का अंदाज़ तेरा 
दिल मेरा भी खिल कर बाग़-बाग़ हुआ 

दिन बीतते जा रहे हैं किस इंतज़ार में 
रोज ख्वाब सजते जा रहे है इंतज़ार में 
मयस्सर नहीं अबतक एक बून्द का भी 
फिर भी खड़े है हम बारिस के इंतज़ार में 

तुझे मनाने को दिल करता है 
तुझसे मिलने को दिल करता है 
तुझे हँसाने को दिल करता है 
तुझे चिढ़ाने को दिल करता है 

अभी देखता हूँ तुझे चश्मा लगाये 
दिल घबराये और नयना चुराए 
सुंदरता का बखान करके तू लजाये 
ऐसी क्या बात हुई कोई तो बताये 

ये रूप तेरा देखकर मन है मुस्कुराया 
पूछने को तुझसे मेरा दिल है किया 
पर पूछने का यंत्र ही खराब हो गया 
क्या कहूँ गोरी मैं, दुनिया से कट गया 

अब कैसे करुँ बात, बहुत दिल करता है 
तुझसे मिलने को बार-बार दिल करता है 
तुझे मनाने को हर-बार दिल करता है 
साथ-साथ हँसने-हँसाने को दिल करता है 

तुझे मनाने को दिल करता है 
तुझसे मिलने को दिल करता है 
तुझे हँसाने को दिल करता है 
तेरे साथ हँसने को दिल करता है



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