आज एक ने क्या खूब कहा
क्या चल रहा है तेरे दिल के अंदर
तेरे बिन बताये - लोग कैसे जानेंगे
सब होते हैं व्यस्त अपने कामों में
तुम्हें गरज है अगर उन बातों का
तुम बोलोगे तब लोग जानेंगे
इतनी छोटी बात कैसे नहीं समझ आई
क्या का क्या सोचता रहा,परेशानी खुद आई
सच में हम भी कितने आशावान हैं
दिल में सोचता और आशा करता समझ ले कोई
कैसे कहूँ कि तुम हो अनजान
ऐसी ही बातें तुम भी सोच रहे थे
बदला बदला सा केवल मुखड़ा था
पर मेरे ही तर्ज पर बोल रहे थे
कहता हूँ तो तुम समझते नहीं
कि मानसिक सन्देश भी कुछ होती है
जैसे मैंने सोचा तुम्हें ध्यान करके
वैसे ही तुम्हें भी कुछ कुछ होती है
अगर ऐसा नहीं होता जीवन में
तो यही मुद्दा मैं कैसे लिखता अभी
जैसे ही मैं कहा "जी" तेरे बातों पर
तुम भी सुन लो जो मैंने सोचा अभी
एक मुस्कराहट तुम भी भर लो
जहाँ तुम हो अनमस्यक खड़े अभी
मुझे मुस्कुराने को दिल कर रहा
मुस्कुराना चाहता तेरे संग अभी
क्या चल रहा है तेरे दिल के अंदर
तेरे बिन बताये - लोग कैसे जानेंगे
सब होते हैं व्यस्त अपने कामों में
तुम्हें गरज है अगर उन बातों का
तुम बोलोगे तब लोग जानेंगे
इतनी छोटी बात कैसे नहीं समझ आई
क्या का क्या सोचता रहा,परेशानी खुद आई
सच में हम भी कितने आशावान हैं
दिल में सोचता और आशा करता समझ ले कोई
कैसे कहूँ कि तुम हो अनजान
ऐसी ही बातें तुम भी सोच रहे थे
बदला बदला सा केवल मुखड़ा था
पर मेरे ही तर्ज पर बोल रहे थे
कहता हूँ तो तुम समझते नहीं
कि मानसिक सन्देश भी कुछ होती है
जैसे मैंने सोचा तुम्हें ध्यान करके
वैसे ही तुम्हें भी कुछ कुछ होती है
अगर ऐसा नहीं होता जीवन में
तो यही मुद्दा मैं कैसे लिखता अभी
जैसे ही मैं कहा "जी" तेरे बातों पर
तुम भी सुन लो जो मैंने सोचा अभी
एक मुस्कराहट तुम भी भर लो
जहाँ तुम हो अनमस्यक खड़े अभी
मुझे मुस्कुराने को दिल कर रहा
मुस्कुराना चाहता तेरे संग अभी


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