Tuesday, July 12, 2016

तुमसे मिलने को दिल मचल रहा है

आज तुमसे मिलने को
दिल मचल रहा है 
रह रह कर याद आये
दिल तड़प रहा है 
आ भी जा सनम अब बाहों में
मिलने को ये दिल मचल रहा है 

सुबह सुबह से ही 
गीत आ रहा है 
तुम बिन जाऊँ कहाँ
दिल गा रहा है 
आ भी जा सनम अब राहों में 
मिलने को दिल मचल रहा है 

आज तुमसे मिलने को
दिल मचल रहा है ...

सोते सोते ये दिल
थक रहा है
नींद में भी हिचकी
आ रहा है 
आ भी जा अब हकीकत में
पलकों को आँसूं भिंगो रहा है

आज तुमसे मिलने को
दिल मचल रहा है ...

No comments:

Post a Comment