आज ध्यान आया चाँद को
कि रौशनी दूँ , मुसाफिर को
कैसे रहा मै इतने दिन
पूछ तो लेते,कैसे हो, मुझको
तेरी बदली हुई तस्वीर जैसे
मेरी तक़दीर बना दिया
कितना तुझे सराहू,मृगनयनी
तूने क्या से क्या बना दिया
तेरा यूँ मुस्कुराना
मुझे अच्छा लगता है
तेरा दर्पण को यूँ पीठ दिखाना
आज अच्छा लगता है
मृगनैनी आँखों से तेरा देखना
बहुत अच्छा लगता है
गुमसुम हाथ को बांधे रखना
अच्छा लगता है
यूँ तस्वीर पुरानी है
फिर भी अच्छा लगता है
अगर नई तस्वीर दिखा देते
देखने को दिल करता है
गुस्सा करते हो मुझसे
अच्छा लगता है
बातचीत बंद किये हो
कष्टकर लगता है
तेरा यूँ चिढ़ाना मुझे
अच्छा लगता है
फिर रुठ जाते हो
बहुत दर्द होता है
तुझे मना लेने को
अब मेरा दिल कहता है
कृपया तुम मान जाना
बहुत तड़पन होता है
पर यह तड़पन तेरी याद दिलाती
बहुतेरे दर्द होता है
आँसूओ से मेरे नयन भर जाते
फिर भी अच्छा लगता है
लोग पूछते आँसू को
पर छिपाना पड़ता है
तेरे लिए यूँ झूठ बोलना
अच्छा लगता है
आँसू भरे आँखों से तुझे देखना
अच्छा लगता है
तेरी मृगनयनी आँखों को देख
आँसू भी चुप हो जाता है
फिर तेरी मुस्कराहट की कशिश मे
पुनः खो जाता है
यह पल बहुत ही सुहाना होता है
सब सुखद लगता है
सब अच्छा लगता है
तुम कब बोलोगे मुझसे
यह दिल अब बहुत तड़पता है
अब तो सुर मिला लो
यह दिल कहता है
जो भी शर्त रखोगे
सब तक़दीर लगता है
अब दिल से निकल के तेरा बाहर आना
अच्छा लगता है
तेरा कदम से कदम मिलाना
अच्छा लगता है.
कि रौशनी दूँ , मुसाफिर को
कैसे रहा मै इतने दिन
पूछ तो लेते,कैसे हो, मुझको
तेरी बदली हुई तस्वीर जैसे
मेरी तक़दीर बना दिया
कितना तुझे सराहू,मृगनयनी
तूने क्या से क्या बना दिया
तेरा यूँ मुस्कुराना
मुझे अच्छा लगता है
तेरा दर्पण को यूँ पीठ दिखाना
आज अच्छा लगता है
मृगनैनी आँखों से तेरा देखना
बहुत अच्छा लगता है
गुमसुम हाथ को बांधे रखना
अच्छा लगता है
यूँ तस्वीर पुरानी है
फिर भी अच्छा लगता है
अगर नई तस्वीर दिखा देते
देखने को दिल करता है
गुस्सा करते हो मुझसे
अच्छा लगता है
बातचीत बंद किये हो
कष्टकर लगता है
तेरा यूँ चिढ़ाना मुझे
अच्छा लगता है
फिर रुठ जाते हो
बहुत दर्द होता है
तुझे मना लेने को
अब मेरा दिल कहता है
कृपया तुम मान जाना
बहुत तड़पन होता है
पर यह तड़पन तेरी याद दिलाती
बहुतेरे दर्द होता है
आँसूओ से मेरे नयन भर जाते
फिर भी अच्छा लगता है
लोग पूछते आँसू को
पर छिपाना पड़ता है
तेरे लिए यूँ झूठ बोलना
अच्छा लगता है
आँसू भरे आँखों से तुझे देखना
अच्छा लगता है
तेरी मृगनयनी आँखों को देख
आँसू भी चुप हो जाता है
फिर तेरी मुस्कराहट की कशिश मे
पुनः खो जाता है
यह पल बहुत ही सुहाना होता है
सब सुखद लगता है
सब अच्छा लगता है
तुम कब बोलोगे मुझसे
यह दिल अब बहुत तड़पता है
अब तो सुर मिला लो
यह दिल कहता है
जो भी शर्त रखोगे
सब तक़दीर लगता है
अब दिल से निकल के तेरा बाहर आना
अच्छा लगता है
तेरा कदम से कदम मिलाना
अच्छा लगता है.

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