खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
बसा लो अपने निगाहों में मुझे
ना पूछो , थे हम कहाँ
मिल भी जाओ नदी की तरह
ना पूछे हम,थे तुम कहाँ
घुल जाओ भी पानी की तरह
ना जाने हम, थे हम कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ...
इस जमीं पर,इस शहर में,तुम हो कहाँ
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
बसा लो अपने निगाहों में मुझे
ना पूछो तुम, थे हम कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ..
दुनिया के दिलकश नज़ारे में,
तुम हो कहाँ, हम है कहाँ
बता दो हमें भी चला आऊंगा
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ..
माना की तेरी मंजिल है अपनी
जहाँ सब को होता है अपने से जाना
रुक कर सम्भल कर चलते हुए
मुझे भी ले लो, ना पूछो कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ...
देखते ही तुमको कई गीत उभरता
तुम थे कहाँ, सुनाऊँ कहाँ
तुमको देखता तो देखता ही रह जाता
पता ही नहीं कि मैं हूँ कहाँ
खोजती है आँखे मेरी,तुम हो कहाँ
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
बसा लो अपने निगाहों में मुझे
ना पूछो तुम, थे हम कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ...
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
बसा लो अपने निगाहों में मुझे
ना पूछो , थे हम कहाँ
मिल भी जाओ नदी की तरह
ना पूछे हम,थे तुम कहाँ
घुल जाओ भी पानी की तरह
ना जाने हम, थे हम कहाँ
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
बसा लो अपने निगाहों में मुझे
ना पूछो तुम, थे हम कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ..
दुनिया के दिलकश नज़ारे में,
तुम हो कहाँ, हम है कहाँ
बता दो हमें भी चला आऊंगा
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ..
माना की तेरी मंजिल है अपनी
जहाँ सब को होता है अपने से जाना
रुक कर सम्भल कर चलते हुए
मुझे भी ले लो, ना पूछो कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ...
देखते ही तुमको कई गीत उभरता
तुम थे कहाँ, सुनाऊँ कहाँ
तुमको देखता तो देखता ही रह जाता
पता ही नहीं कि मैं हूँ कहाँ
खोजती है आँखे मेरी,तुम हो कहाँ
तुम हो जहाँ, मेरी मंजिल वहाँ
बसा लो अपने निगाहों में मुझे
ना पूछो तुम, थे हम कहाँ
खोजती है आँखें मेरी,तुम हो कहाँ ...


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