Wednesday, May 18, 2016

कृष्ण भाव - राधा से

कृष्ण भाव - राधा से

तुमसे ना रखूँ मांग
तो किससे रखूँगा
पूरी दुनिया रही माँग
मैं तुमसे ही माँगूगा 

तुम्हें देखते ही सन्तोष मिलता
तुम्हें सोचते ही चिंता नहीं सताती
तुम्हें याद करते ही कष्ट नहीं भेदता
तुम्हें ना चाहूँ कोई कारण नहीं दीखता

तुमसे ना रखूँ मांग
तो किससे रखूँगा
पूरी दुनिया रही माँग
मैं तुम्हें ही माँगूगा 

तुम अनुपम हो, अविरल हो
तुम छंद हो, मेरी कविता हो 
तुम ज्ञान हो, मेरा प्रकाश हो
जितना दूर हो पर क्यों दूर हो 

तुमसे ना रखूँ मांग
तो किससे रखूँगा
पुरे दिल में हो तुम
मैं तुम्हें ही रखूँगा 

No comments:

Post a Comment