खुदा ! तेरा ये दुनिया
ये दुनिया का ताना बाना
इस दुनिया को उलझाना
सबको उलझाये रखना
बस तेरा काम रह गया है
इस दुनिया में उलझना
इस दुनिया को समझना
एक चढ़ाई सा ठान लेना
बस मेरा काम रह गया है
नहीं है तेरे इस दुनिया में
यहाँ कुछ भी कोई झमेला
केवल मैं तुम्हे ना समझूँ
बस यही दुनिया रह गया है
सब दिल का है एक रंग
फिर आसपास हैं दूरियाँ
इस दूरियाँ में हैं कट रहे
बस यहाँ दर्द रह गया है
कितना भी कार्य समेटूँ
कितना भी कर्म फैलाऊँ
कितना भी समझ जाऊँ
बस यहाँ कर्म रह गया है
कर्म की जिजीविषा
अकर्म की लालसा
कर्म से सबकुछ पाना
अब कर्म अपना हो गया है
इस कर्म में दिल खो गया है
कर्म में भावना छुप गया है
इस कर्म में दिल पीस गया है
बस यहाँ कर्म ही कर्म रह गया है
नहीं है तेरे इस दुनिया में
कर्म सा कुछ भी झमेला
क्योंकि अंत में बस मौत है
बस तेरा पास आना रह गया है
इस दिल का क्या करूँ
इस कर्म में दिल मर गया है
दिल में रूह है भी नहीं
बस रूह नाम सा रह गया है
दिल को साथ रखकर भी
कर्म किया जा सकता है
केवल कर्म को तव्वजो दे
ये दिल तेरे दुनिया में मर गया है
ये दुनिया का ताना बाना
इस दुनिया को उलझाना
सुलझा के फिर उलझाना
बस एक नाटक सा रह गया है
वो खुदा-रूह ही इस दुनिया में
सबके दिल में है धड़क रहा
तेरे नाटक से पर्दा उठ गया है
फिर भी तू चुप है,दिल मुस्कुरा गया है
ये दुनिया का ताना बाना
इस दुनिया को उलझाना
सबको उलझाये रखना
बस तेरा काम रह गया है
इस दुनिया में उलझना
इस दुनिया को समझना
एक चढ़ाई सा ठान लेना
बस मेरा काम रह गया है
नहीं है तेरे इस दुनिया में
यहाँ कुछ भी कोई झमेला
केवल मैं तुम्हे ना समझूँ
बस यही दुनिया रह गया है
सब दिल का है एक रंग
फिर आसपास हैं दूरियाँ
इस दूरियाँ में हैं कट रहे
बस यहाँ दर्द रह गया है
कितना भी कार्य समेटूँ
कितना भी कर्म फैलाऊँ
कितना भी समझ जाऊँ
बस यहाँ कर्म रह गया है
कर्म की जिजीविषा
अकर्म की लालसा
कर्म से सबकुछ पाना
अब कर्म अपना हो गया है
इस कर्म में दिल खो गया है
कर्म में भावना छुप गया है
इस कर्म में दिल पीस गया है
बस यहाँ कर्म ही कर्म रह गया है
नहीं है तेरे इस दुनिया में
कर्म सा कुछ भी झमेला
क्योंकि अंत में बस मौत है
बस तेरा पास आना रह गया है
इस दिल का क्या करूँ
इस कर्म में दिल मर गया है
दिल में रूह है भी नहीं
बस रूह नाम सा रह गया है
दिल को साथ रखकर भी
कर्म किया जा सकता है
केवल कर्म को तव्वजो दे
ये दिल तेरे दुनिया में मर गया है
ये दुनिया का ताना बाना
इस दुनिया को उलझाना
सुलझा के फिर उलझाना
बस एक नाटक सा रह गया है
वो खुदा-रूह ही इस दुनिया में
सबके दिल में है धड़क रहा
तेरे नाटक से पर्दा उठ गया है
फिर भी तू चुप है,दिल मुस्कुरा गया है
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