माना कि हम तेरे काबिल नहीं
फिर भी कभी तो बोला करो
इतना अंजान भी तो नहीं हम
मुझसे भी अब तो बोला करो
माना कि तेरे आँखों में हैं चमक
पर इन आँखों को सवाँरा करो
इन आँखों से ही तो मृगनयनी हो
इन आँखों में सुरमा लगाया करो
माना कि हम तेरे काबिल नहीं
पर कभी हाल भी तो पूछा करो
हम शिकायत भी कर सकते नहीं
पर मुझे भी तो अब समझा करो
तुमसे बोलने की बहुत चाहत है
हमसे भी तो बोल लिया करो
शिकवा करूँ तो किससे करूँ
मुझे भी तो अब पहचाना करो
माना कि तुम बहुत सक्षम हो
पर दिल होता मेरे घर रहा करो
कैसे तुम घर से दूर रहते होगे
तुम कोई कष्ट महसूस ना करो
माना कि तुम हो बहुत खुद्दार
पर मुझे इतना तो पराया ना करो
तुम्हें देखते ही लगता तुम अपने हो
जब भी जरूरत हो कहा करो
माना कि हम तेरे काबिल नहीं
फिर भी कभी तो बोला करो
इतना अंजान भी तो नहीं हम
हो सके तो मिल कर रहा करो
नहीं आने दूंगा कोई आंच कभी
मैं भी हूँ खुद्दार तुम्हारे ही जैसा
बस हूँ तेरे दोस्ती का कायल
तुम मुझे दीखते ठीक मेरे जैसा
माना कि हम तेरे काबिल नहीं
फिर भी कभी तो बोला करो
इतना अंजान भी तो नहीं हम
मुझसे भी अब तो बोला करो
फिर भी कभी तो बोला करो
इतना अंजान भी तो नहीं हम
मुझसे भी अब तो बोला करो
माना कि तेरे आँखों में हैं चमक
पर इन आँखों को सवाँरा करो
इन आँखों से ही तो मृगनयनी हो
इन आँखों में सुरमा लगाया करो
माना कि हम तेरे काबिल नहीं
पर कभी हाल भी तो पूछा करो
हम शिकायत भी कर सकते नहीं
पर मुझे भी तो अब समझा करो
तुमसे बोलने की बहुत चाहत है
हमसे भी तो बोल लिया करो
शिकवा करूँ तो किससे करूँ
मुझे भी तो अब पहचाना करो
माना कि तुम बहुत सक्षम हो
पर दिल होता मेरे घर रहा करो
कैसे तुम घर से दूर रहते होगे
तुम कोई कष्ट महसूस ना करो
माना कि तुम हो बहुत खुद्दार
पर मुझे इतना तो पराया ना करो
तुम्हें देखते ही लगता तुम अपने हो
जब भी जरूरत हो कहा करो
माना कि हम तेरे काबिल नहीं
फिर भी कभी तो बोला करो
इतना अंजान भी तो नहीं हम
हो सके तो मिल कर रहा करो
नहीं आने दूंगा कोई आंच कभी
मैं भी हूँ खुद्दार तुम्हारे ही जैसा
बस हूँ तेरे दोस्ती का कायल
तुम मुझे दीखते ठीक मेरे जैसा
माना कि हम तेरे काबिल नहीं
फिर भी कभी तो बोला करो
इतना अंजान भी तो नहीं हम
मुझसे भी अब तो बोला करो
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