कहने को तो कह दिया मैने
मनुष्य को खुशियों की राह
खुद बनानी पार्टी है
जीने के लिये
पर वो खुशियाँ है क्या
कितने तरह की होती है
कैसे चुनी जाती है
कैसे लाइ जाती है
क्या क्या चाह होती है
सब तुझसे जुड़ गई है
और तेरे बिन
कोई भी ख़ुशी नहीं दिखती
जब भी कोई खुशी उड़ती आ जाती
तो यही देखता
तुम होते तो कैसे चहकते
तुम होते तो कैसे मुस्कुराते
तुम होते तो कैसे खिलखिलाते
तुम होते तो कैसे चमकते
और वो खुशी
बिन भींगाए ही मुझे
समुद्र की लहर की तरह
उठकर शांत हो जाती
मेरे इन विचारों से
ऐसा नहीं समझना
कि मैं दुखी हूँ
बस खुशियों को
पहचानने की समझ आ गई
यही समझ काफी है
उस खुशी मे डूबना
डूबकर इतराना नहीं कर पाता
डूब ही जाऊं
इन खुशियों मे
इसकी ज़रूरत नहीं महसूसता
बस मुस्कुराता
और तेरी मुस्कुराहट मे खो जाता.
मनुष्य को खुशियों की राह
खुद बनानी पार्टी है
जीने के लिये
पर वो खुशियाँ है क्या
कितने तरह की होती है
कैसे चुनी जाती है
कैसे लाइ जाती है
क्या क्या चाह होती है
सब तुझसे जुड़ गई है
और तेरे बिन
कोई भी ख़ुशी नहीं दिखती
जब भी कोई खुशी उड़ती आ जाती
तो यही देखता
तुम होते तो कैसे चहकते
तुम होते तो कैसे मुस्कुराते
तुम होते तो कैसे खिलखिलाते
तुम होते तो कैसे चमकते
और वो खुशी
बिन भींगाए ही मुझे
समुद्र की लहर की तरह
उठकर शांत हो जाती
मेरे इन विचारों से
ऐसा नहीं समझना
कि मैं दुखी हूँ
बस खुशियों को
पहचानने की समझ आ गई
यही समझ काफी है
उस खुशी मे डूबना
डूबकर इतराना नहीं कर पाता
डूब ही जाऊं
इन खुशियों मे
इसकी ज़रूरत नहीं महसूसता
बस मुस्कुराता
और तेरी मुस्कुराहट मे खो जाता.
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