Saturday, December 13, 2014

जिंदगी के अंदाज़ ...

जिंदगी के अंदाज़ ...

वाह रे जिंदगी 
ना भरोसा रहते हुए भी,
पल-पल तो छोडो,
कितने पल गुजार लेते,
उम्र-दर-उम्र गुज़ार लेते
साल-दर-साल गुजार लेते :)

और उनके नखरे देखकर 
मौत को भी भगा देते
मुस्कान चेहरे पे ला देते
उनके इंतज़ार में,पल-पल जीला देते ;) 

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अर्ज़  किया  है..

समंदर को तो पता भी नहीं चलेगा 
कि कोई पत्थर फेका भी गया है 
हाँ, अगर मन-समंदर की बात है 
तो समझ में भी आती है 
पत्थर तो इसलिए फेका जाता है 
कि देखें कितने गहरे तक जाती है ;)
यही तो इश्क़ है,
कि पत्थर को पत्थर ना समझो 
उसे एक पैगाम समझो
कितनी गहराई तक गई 
यह पता लग जाती है 
और दिल-से-दिल की बात हो जाती है :) 
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कैसी प्यारी नींद है..

कितनी अनूठी नींद होती है
कितनी भोली नींद होती है 
बच्चों की नींद हो या बड़ों की
नींद सबकी - बच्चों सी होती है

प्यारी नींद, दुलारी नींद 
नींद में डूबी  सबकी नींद
शक्ति लाती फुर्ती लाती 

आपकी नींद सबकी नींद :)   
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