मत मायुष् हो वो नादान
आँसू
छलककर गिर पड़ते हो तनिक
दुःख देखकर
कभी उन मृग्नयन को तो
देखो
जो याद में ही तृप्त कर
देते हैं मुस्कुराकर
आज भी बीतते हैं यादों
में तेरे
संग संग बिताये एक एक पल
तुम जब होगे साथ, हरवक्त सोचता,
कितने सुहाने होंगे वो पल
मैं ही डर जाता कि
पता नहीं की तू फिर कहीं
ना पिन चुभोये
बड़ी मुश्किल से
सम्भल पाया था मैं जब वो
तूफ़ान थे आये
गलती किसकी किसका दोष
मैं दुनिया के नजर से ना
देखता
मैं तो था डुबा तेरे
प्यार में सनम
इतना ही मैं हूँ जानता
मैं मानता
तुम हो रूठे तुम हो
गुस्सा
इसका पता ही नहीं चलता
तू अगर अवसर देते रहने का
तेरा हर छन्द तब पता चलता
तेरे नखरे बहुत अच्छे
होते हैं
तेरे तेवर सचमुच तीखे
होते हैं
आशाएं मुझे हौसले देते
रहते है
तेरे संग मुस्कुराउँ,सपने देखते हैं
अर्ज़ है ..
तेरा मुझसे रुठने का कुछ
ही वक्त अभी गुजरा है
कोई बात नहीं, हमारी दोस्ती लम्बी चलने वाली है

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