Wednesday, August 3, 2016

तुम जो ऐसे चुप रहती हो

तुम जो ऐसे चुप रहती हो 
कारण बताओ क्यों चुप हो 
तुम जो ऐसे रूठी रहती हो 
कारण बताओ क्यों रूठी हो 

दुनिया से तुम बोलती हो 
हम से तुम क्यों नहीं बोलती 
हर के साथ तुम हंसती हो 
हम से तुम क्यों नहीं हंसती 

तुम जो ऐसे चुप रहती हो 
कारण बताओ क्यों चुप हो ...

तुम एक कारण बता दो हमें 
कि हम तुमसे प्यार करे क्यों नहीं 
इतना गुनाह है प्यार क्या 
ये बतलाते तुम क्यों नहीं 

तुम जो ऐसे चुप रहती हो 
कारण बताओ क्यों चुप हो ...

तुम्हे नहीं पता हम कैसे रह जाते 
तड़पते बिलखते रोते हुए 
ऐसा तुझसे मैं क्या ले लूंगा 
जो यूँ छोड़ देते रोते हुए 

तुम जो ऐसे चुप रहती हो 
कारण बताओ क्यों चुप हो ...

क्या ऐसा नहीं हो सकता 
कि नदी सा मिल जाय राह में हम 
क्या ऐसा नहीं हो सकता 
कि हम बात करे जैसे भूले नहीं हम 

नहीं कुछ तेरा हानि होगा 
बस तुम हमसे बात करो 
तेरा चेहरा लब सब बोलता है 
कभी तो हमसे भी सुना करो 

तुम जो ऐसे चुप रहती हो 
कारण बताओ क्यों चुप हो ...

एक शेर...
जब भी उनसे बात करने को दिल चाहता 
ये दिल उनसे कुछ बात कर लेता 
जब भी मिलने कि तड़प सताने लगता 

आँखों से दो-चार बून्द टपका देता 


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