Saturday, January 30, 2016

भक्त के अखाड़े में भगवान

भक्ति किसे करना चाहिए
अब भक्त बता रहे हैं
मैं ही एक अच्छा भक्त हूँ
अब भक्त बता रहे हैं

छीन ली है भक्त ने भगवान से
भक्ति करने का अधिकार
भगवान भी चुप हो गए
सोच रहे-भक्त का क्यों करे प्रतिकार

कितनी अनुपम भक्ति होती है
जब भी भक्ति हम करते
यही सोचते - यही समझते
हम ही अनुपम भक्त हैं ऐसा जानते

दूसरे भी मानव हैं भक्ति करने को
ऐसा हम मानव भूल जाते
तब ही ऐसे गड़बड़ माहौल बनते
मानव लड़ते-झगड़ते-हिस्सा खोजते

अरे भगवान कोई चीज़ नहीं
वह उन्मुक्त है - सर्वोपरि है - अनुपम है
तुम भले बंध जाओ उससे
वह नहीं बंधता है क्योंकि वह सबका है

सम्भलो ओ इंसान,ऐसे मत बनो खुदगर्ज़
भगवान सबका है- सबको करने दो अर्ज़
:)

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