Wednesday, June 8, 2016

अनाड़ी और खिलाड़ी

कुछ शेर अनाड़ी और खिलाड़ी पर ..

अर्ज़ है ...

इंतजार तुझे इसलिये नहीं कि तुम हो खिलाड़ी
इंतज़ार मुझे इसलिये है कि मैं हूँ  निरा अनाड़ी

इतना जरूर है इस इंतजार में तुझे अनाड़ी मिलेगा
मगर मुझे गरूर है कि ये इंतजार मुझे खिलाड़ी देगा

मुझे तुम मिलो ना मिलो मैं रहूँगा अनाड़ी ही
मैं तुम्हें मिलूँ ना मिलूँ तुम रहोगे खिलाडी ही 

मैं अनाड़ी से खिलाड़ी नहीं बन सकता हूँ 
कारण खिलाड़ी के कोई तत्व मुझमें नहीं है 
मगर तुममें खिलाड़ी के सारे तत्व मौजूद है 
तुम्हारे द्वारा अनाड़ी भी बना जा सकता है 

मेरा क्या है,कितने देर और मुझे दौर में रहना है
अनाड़ीपन में चले जाने का एक अलग मजा है 
तुम खिलाड़ीपन में  लेते रहना सारा साम्राज्य
इसका एक अलग मजा है, एक अलग मजा है :)

इस दुनिया में जीने के लिए खिलाड़ी होना जरुरी है
तुम मत बनना अनाड़ी, कदम कदम पर चोट लगेगी 
इस दुनिया में अनाड़ी को  बहुत सारा कष्ट होता है 
तुम नहीं बनना अनाड़ी, रोज रोज तुम्हें चोट लगेगी :)

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