शेर एक दृश्य पर ..
दिल किया तुझे छु लूँ
पर हाथ बढ़ते बढ़ते रुक गया
तेरी नींद ने मुझे
तुझे छूने से वंचित कर दिया
इस अनुपम छुअन को
मैं अपनी आँखों से देखना चाहता हूँ
नींद में तो बहुतों बार छुआ
अपने खुली आँखों से देखना चाहता हूँ
कितना भी ज्ञान हो मुझमें
सब हवा हवाई हो जाता है
जैसे हीतुम याद आते या दिख जाते
तन में उमंग भरने लगता है
दबा लेता हूँ अंदर के तूफ़ान को
धरती पर पड़े प्रशांत महासागर की तरह
तेरी ख़ामोशी,एक मुस्कुराहट का इंतज़ार
रोक लेता है अंदर से विवेकानंद की तरह
कुछ शेर अर्ज़ है ..
लफ्जों से ज्यादा तेरी ख़ामोशी समझने लगा हूँ
तुम अब एक बार मुस्कुरा दो मैं तड़पने लगा हूँ
भले तुम लफ्जों से नहीं कुछ कहना चाहते
पर "एक हक" बोलने का क्या नहीं देना चाहते
माना कि अंतर बहुत है हम दोनों के दौर में
पर रूह के स्तर से कोई अंतर नहीं है सही में
ख़ामोशी से ज्यादा तेरी मुस्कुराहट अच्छी लगती है
पूरी दुनिया झूठ लेकिन तेरी हंसी सच्ची लगती है
मुस्कुराओ बिंदास हमेशा तुम फूलों की तरह
मुस्कुराहट है सत्यम शिवम् सुंदरम की तरह
दिल किया तुझे छु लूँ
पर हाथ बढ़ते बढ़ते रुक गया
तेरी नींद ने मुझे
तुझे छूने से वंचित कर दिया
इस अनुपम छुअन को
मैं अपनी आँखों से देखना चाहता हूँ
नींद में तो बहुतों बार छुआ
अपने खुली आँखों से देखना चाहता हूँ
कितना भी ज्ञान हो मुझमें
सब हवा हवाई हो जाता है
जैसे हीतुम याद आते या दिख जाते
तन में उमंग भरने लगता है
दबा लेता हूँ अंदर के तूफ़ान को
धरती पर पड़े प्रशांत महासागर की तरह
तेरी ख़ामोशी,एक मुस्कुराहट का इंतज़ार
रोक लेता है अंदर से विवेकानंद की तरह
कुछ शेर अर्ज़ है ..
लफ्जों से ज्यादा तेरी ख़ामोशी समझने लगा हूँ
तुम अब एक बार मुस्कुरा दो मैं तड़पने लगा हूँ
भले तुम लफ्जों से नहीं कुछ कहना चाहते
पर "एक हक" बोलने का क्या नहीं देना चाहते
माना कि अंतर बहुत है हम दोनों के दौर में
पर रूह के स्तर से कोई अंतर नहीं है सही में
ख़ामोशी से ज्यादा तेरी मुस्कुराहट अच्छी लगती है
पूरी दुनिया झूठ लेकिन तेरी हंसी सच्ची लगती है
मुस्कुराओ बिंदास हमेशा तुम फूलों की तरह
मुस्कुराहट है सत्यम शिवम् सुंदरम की तरह
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