एक गजल - बहार आ जायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बहार आ जायेगी
उमस भरा है बहुत बारिश हो जायगी
पसीने की टप टप भी रुक जायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बारिश आ जायेगी
एक कतरा अगर प्यार का दे देते
नहीं कम हो जाता तेरे सागर का
सागर तो भरा है पुरे पानी से
पर एक कतरा नहीं है मिठास का
तुम मुस्कुराओ जरा मिठास आ जायेगी
सागर की लहरें ख़ुशी से लहरायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बहार आ जायेगी
उमस भरा है बहुत बारिश हो जायगी
तारों में अगर होता तुम्हें जन्म लेना
टूट कर रौशनी आसमान में बिखेरना
दुआ तब जाकर तेरे साये में करना
उससे पहले ही तुझसे है आरजू करना
बन जाओ तारा यहीं, धरती चमक जायगी
बादलों से आसमान भी भर जायेगी
दिल की फसलें बहुत लहलहायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बारिश हो जायगी
तुम मुस्कुराओ जरा बहार आ जायेगी
उमस भरा है बहुत बारिश हो जायगी
पसीने की टप टप भी रुक जायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बारिश आ जायेगी
एक कतरा अगर प्यार का दे देते
नहीं कम हो जाता तेरे सागर का
सागर तो भरा है पुरे पानी से
पर एक कतरा नहीं है मिठास का
तुम मुस्कुराओ जरा मिठास आ जायेगी
सागर की लहरें ख़ुशी से लहरायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बहार आ जायेगी
उमस भरा है बहुत बारिश हो जायगी
तारों में अगर होता तुम्हें जन्म लेना
टूट कर रौशनी आसमान में बिखेरना
दुआ तब जाकर तेरे साये में करना
उससे पहले ही तुझसे है आरजू करना
बन जाओ तारा यहीं, धरती चमक जायगी
बादलों से आसमान भी भर जायेगी
दिल की फसलें बहुत लहलहायेगी
तुम मुस्कुराओ जरा बारिश हो जायगी
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