लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान
छूने को कर रहा था
तेरी गुलाबी सी मुस्कान
यादों के सहारे हूँ जी रहा
तुम कैसे हो, नहीं बताने का, लिए तूने ठान
पूछूं मैं किस से हाल तेरा
नहीं मिल पाता तेरा मीठी सी मुस्कान
लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ....
तेरे आँखों के समंदर में
डूब जाता हूँ यादों में
महकते हुए गुलाबों में
हरे भरे बागों में
गाने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ..
चिढ़ाने को कर रहा था
कई दिन से तुम्हें युहीं
दिल मचल रहा था
तुम्हे छूने को युहीं
लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ....
तुम पूछो न हमसे
क्यों लिखते हो गान
बस झूम लो पढ़कर
मुस्कुराते हुए मेरी जान
लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ....
कई दिन से तुझ पे गान
छूने को कर रहा था
तेरी गुलाबी सी मुस्कान
यादों के सहारे हूँ जी रहा
तुम कैसे हो, नहीं बताने का, लिए तूने ठान
पूछूं मैं किस से हाल तेरा
नहीं मिल पाता तेरा मीठी सी मुस्कान
लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ....
तेरे आँखों के समंदर में
डूब जाता हूँ यादों में
महकते हुए गुलाबों में
हरे भरे बागों में
गाने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ..
चिढ़ाने को कर रहा था
कई दिन से तुम्हें युहीं
दिल मचल रहा था
तुम्हे छूने को युहीं
लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ....
तुम पूछो न हमसे
क्यों लिखते हो गान
बस झूम लो पढ़कर
मुस्कुराते हुए मेरी जान
लिखने को कर रहा था
कई दिन से तुझ पे गान ....
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