परोपकार हमसब पर
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इस पुरे अंतरिक्ष में
तारामंडलों के समूहों में
ग्रहों और उपग्रहों के झुंडों में
जहाँ तक ज्ञान जाता है
जहाँ तक भान हुआ है
केवल अपनी ही धरती है
जहाँ हरियाली है
पानी है दरिया है समन्दर है
खाद्य पदार्थ है
जीव है जन्तु है चर है अचर है
पहाड़ है पेड़ है पौधे हैं
और ना जाने क्या क्या है
जो हम मानवों को नसीब है
जिसके हम एक मात्र भोक्ता हैं
ये सब किसने प्रदान किया
इतना बड़ा परोपकार किसने किया
इतना अमूल्य उपकार किसने किया
एक ही तो है - वो भगवान ।
एक परोपकार हम में से
कोई अगर कर देता
तो कितनी अपेक्षा हो जाती है
चारों तरफ डंका बजने लगती है
अगर चर्चा ना होती
तो दिल में होता
कि कोई तो कुछ बोले
कोई तो प्रशंसा करे
दूसरी ओर एक वो भगवान् है
जो पूछने भी नहीं आता
कि मुझे पूछो
मुझे महान समझो
मैं खुदा हूँ अल्लाह हूँ ईसा हूँ
वह तो और कहता
मानना है तो मानो
नहीं मानना है तो नहीं मानो
पर जियो इस संसार में
रखो इस संसार को
जितना दिन तक रखना है
जितना दिन तक रहना है
तुम कितना भी विध्वंस करोगे
मैं इस धरती को बनाये रखूँगा
तुम भले इसे मेरा कर्तव्य मानो
या परोपकार कह कर इंगित करो
मैं इस धरती को बनाये रखने के लिए
कर्म करता रहूँगा-धर्म करता रहूँगा
धन्य है ये परोपकार
हम सब धरतीवासी पर
उस सर्वशक्तिमान का
जो कई नामों से जाना जाता
कहीं भगवान के नाम से
तो कहीं खुदा के नाम से
कहीं ईसा तो कहीं रहीम से
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इस पुरे अंतरिक्ष में
तारामंडलों के समूहों में
ग्रहों और उपग्रहों के झुंडों में
जहाँ तक ज्ञान जाता है
जहाँ तक भान हुआ है
केवल अपनी ही धरती है
जहाँ हरियाली है
पानी है दरिया है समन्दर है
खाद्य पदार्थ है
जीव है जन्तु है चर है अचर है
पहाड़ है पेड़ है पौधे हैं
और ना जाने क्या क्या है
जो हम मानवों को नसीब है
जिसके हम एक मात्र भोक्ता हैं
ये सब किसने प्रदान किया
इतना बड़ा परोपकार किसने किया
इतना अमूल्य उपकार किसने किया
एक ही तो है - वो भगवान ।
एक परोपकार हम में से
कोई अगर कर देता
तो कितनी अपेक्षा हो जाती है
चारों तरफ डंका बजने लगती है
अगर चर्चा ना होती
तो दिल में होता
कि कोई तो कुछ बोले
कोई तो प्रशंसा करे
दूसरी ओर एक वो भगवान् है
जो पूछने भी नहीं आता
कि मुझे पूछो
मुझे महान समझो
मैं खुदा हूँ अल्लाह हूँ ईसा हूँ
वह तो और कहता
मानना है तो मानो
नहीं मानना है तो नहीं मानो
पर जियो इस संसार में
रखो इस संसार को
जितना दिन तक रखना है
जितना दिन तक रहना है
तुम कितना भी विध्वंस करोगे
मैं इस धरती को बनाये रखूँगा
तुम भले इसे मेरा कर्तव्य मानो
या परोपकार कह कर इंगित करो
मैं इस धरती को बनाये रखने के लिए
कर्म करता रहूँगा-धर्म करता रहूँगा
धन्य है ये परोपकार
हम सब धरतीवासी पर
उस सर्वशक्तिमान का
जो कई नामों से जाना जाता
कहीं भगवान के नाम से
तो कहीं खुदा के नाम से
कहीं ईसा तो कहीं रहीम से
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