कुछ पल खोकर तुममें
रोज साथ हो लेता हूँ
तुझे प्यार करने के लिए
कुछ पल निकाल लेता हूँ
तुम हो साथ ऐसा सोच
रोज प्यार कर लेता हूँ
रहते अगर साथ तुम
यही सोच बीता लेता हूँ
तुम साथ हो या नहीं
ये याद नहीं रखता हूँ
प्यार के पल को लिख
पन्नों को भर लेता हूँ
पागल हूँ दीवाना हूँ
उम्र नहीं,नहीं सोचता हूँ
तेरे संग रहने की ललक
सार्थक कर लेता हूँ
पल में गुस्सा पल में नफरत
भूलने की कोशिश करता हूँ
जैसे ही महसूसता तुम नहीं
फिर याद में तुझे ले आता हूँ
कैसे इतना वर्ष बीत गया
कुछ मलाल नहीं होता है
तुम ना होते संग साथ में
नहीं रह पाता, सोचता है
रखना ध्यान अपना भी
नहीं है साथ तो क्या हुआ
यूँहीं बातें कर लेता तुमसे
नहीं तू सुनते तो क्या हुआ
रोज साथ हो लेता हूँ
तुझे प्यार करने के लिए
कुछ पल निकाल लेता हूँ
तुम हो साथ ऐसा सोच
रोज प्यार कर लेता हूँ
रहते अगर साथ तुम
यही सोच बीता लेता हूँ
तुम साथ हो या नहीं
ये याद नहीं रखता हूँ
प्यार के पल को लिख
पन्नों को भर लेता हूँ
पागल हूँ दीवाना हूँ
उम्र नहीं,नहीं सोचता हूँ
तेरे संग रहने की ललक
सार्थक कर लेता हूँ
पल में गुस्सा पल में नफरत
भूलने की कोशिश करता हूँ
जैसे ही महसूसता तुम नहीं
फिर याद में तुझे ले आता हूँ
कैसे इतना वर्ष बीत गया
कुछ मलाल नहीं होता है
तुम ना होते संग साथ में
नहीं रह पाता, सोचता है
रखना ध्यान अपना भी
नहीं है साथ तो क्या हुआ
यूँहीं बातें कर लेता तुमसे
नहीं तू सुनते तो क्या हुआ
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