Sunday, April 17, 2016

मत लो परीक्षा मुझसे गरिमा की

मत रोको हमें, मत टोको हमें 
तुमसे हमें मिलने दो, जीने दो 
मिलन को टूट कर बिखरने दो
धारा प्रवाह बहने दो,मिलने दो 

प्रार्थना करता हूँ ईश्वर से 
किसी भी तरह तुम मेरे हो 
मगर जबतक तुम नहीं कहते 
ईश्वर भी कैसे कहे मेरे हो 

मत लो परीक्षा मुझसे गरिमा की 
तेरे लिए ना रखने को दिल करता 
हर परिभाषा हमारी जिंदगी का 
तेरे साथ लिखने को दिल करता 

तुम बहार हो,तुम आसमाँ  हो 
तुम अपने बाहों में समां लो
तुमसे एक पल दूर नहीं रहना
अपने साथ-साथ मुझे ले लो 

जैसे ही देखा तेरा एक झलक 
मिलन का एक बाढ़ आ गया 
कैसे सम्भाला मैं अपने को 
दिल टूट कर तार तार हो गया 

जैसे ही देखा तुमको,दिल चाहा
तुम्हे ले उड़ जाऊं दूर गगन में 
घूमूँ चाँद-सितारों के संग 
रहूं जीवन भर तेरे संग संग में 

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