Sunday, March 26, 2017

एक दूसरे की सहायता करे ... क्यों

क दूसरे की सहायता करे ... क्यों ...अर्ज़ है चन्द शेर...

हैं इस जहान में अकेले हमसब,मिल के दे दो साथ
थकान हमारी मिट जायगी,तेरे मुस्कुराहट के साथ

हैं हम सब रब के नूर,हर एक में है वही नूर
अज्ञान में आकर दूर हो जाते,ना जाओ दूर

दुनिया इसलिए नहीं बनी कि यह दुनिया युहीं बननी थी
दुनिया इसलिए बनी कि दुनिया रब के नूर से चलनी थी

कैसे समझे हम इस नूर को,क्या ये नूर बहुत विस्मयकारी है
नूर है बहुत सरल समझने में ,कोशिश करने पर भ्रमकारी है

देते रहो सहायता हर एक नूर को, जितना तक सम्भव हो सके
मिटाते रहो अंधकार अज्ञान का,थोड़ा भी यदि अज्ञान हट सके

-बीरेन 😊

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