भक्ति क्या है ...
भक्त लगाता भाव भगवन से
जोड़ता भाव इस भवसागर में
हे दीन दयाल भगवन मेरे
एक भाव जुड़ा है भगवन में
क्यों करते हम भाव की पूजा
भगवन के लिए भक्ति क्या जरूरी है
यह दुनिया उसकी हम उसके
क्या भगवन से भाव जताना जरुरी है
भले यह दुनिया उसकी,
पर हम ये दुनिया अपना बना लेते
भूलकर इस दुनिया में
अपना अलग दुनिया हम बसा लेते
यह धरती है यह दुनिया है
इस भाव में हम डूब जाते
नैया डगमगाती हम डरते
डर में जीवन बीत जाते
ना डर मेरा, ना नैया मेरी
डगमगाती रहे यह दुनिया डर डर में
हे प्रियतम प्राण प्रभु मेरे
यह दुनिया मेरी नहीं,कह देता भक्त भक्ति में
भवसागर बनाकर भाव दिया
क्यों सागर से डरूँ भवसागर में
हे दिनदयाल प्रभु मेरे
अर्पित है सबकुछ मेरा तुझमें
-बीरेन
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1315071531912700&id=107437659342766
भक्त लगाता भाव भगवन से
जोड़ता भाव इस भवसागर में
हे दीन दयाल भगवन मेरे
एक भाव जुड़ा है भगवन में
क्यों करते हम भाव की पूजा
भगवन के लिए भक्ति क्या जरूरी है
यह दुनिया उसकी हम उसके
क्या भगवन से भाव जताना जरुरी है
भले यह दुनिया उसकी,
पर हम ये दुनिया अपना बना लेते
भूलकर इस दुनिया में
अपना अलग दुनिया हम बसा लेते
यह धरती है यह दुनिया है
इस भाव में हम डूब जाते
नैया डगमगाती हम डरते
डर में जीवन बीत जाते
ना डर मेरा, ना नैया मेरी
डगमगाती रहे यह दुनिया डर डर में
हे प्रियतम प्राण प्रभु मेरे
यह दुनिया मेरी नहीं,कह देता भक्त भक्ति में
भवसागर बनाकर भाव दिया
क्यों सागर से डरूँ भवसागर में
हे दिनदयाल प्रभु मेरे
अर्पित है सबकुछ मेरा तुझमें
-बीरेन
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