Thursday, February 16, 2017

तूफ़ान प्रकृति का खुला एक खंजर है

इस तूफ़ान पर अर्ज़ है ...

कयामत आने वाली है
जरा राह को देख लो दिलवर
प्रकृति कहर ढाने वाली है
सुरक्षित कर लो अपने को दिलवर

आगे है ...

ये नजारा नहीं एक खौफनाक मंजर है
तूफ़ान प्रकृति का  खुला एक खंजर है

जहाँ भी हो जरा संभल जाओ दिलवर
सुरक्षित अपने को जरा कर लो दिलवर

कयामत आने वाली है
जरा राह को देख लो दिलवर
प्रकृति कहर ढाने वाली है
सुरक्षित कर लो अपने को दिलवर

कैसे कहे हम खुदा से, ना लाओ ऐसे मौषम
खुदा के लिए ये प्रकृति केवल एक रचना है
वही हर कण कण में हर क्षण में समाया है
ये तूफ़ान ये मंजर ये  खंजर एक फ़साना है

मगर हम मानवों के लिए
ये प्रकृति एक बसेरा है
जहाँ भी हो अपने को
सुरक्षित रख लो दिलवर

-बीरेन

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