Tuesday, September 20, 2016

अनायास आज आया तेरा नाम बोलते बोलते

अनायास आज आया तेरा नाम 
बोलते बोलते 
मुस्कुरा उठा मेरा तन्हा दिल 
बोलते बोलते 

तेरे आँखों की सुरमई यादें बिखर गई 
तुमसे रुखसत का वो पल फ़ैल गई 
तुम देखते हुए चल देते हो बिन कहे 
तेरी चाल मेरे आँखों में चमक गई 

कैसे बातों को घुमाया सबसे 
देखते देखते 
मैं रह गया भौंचक्का लोगों को 
देखते देखते 
अनायास आज आया तेरा नाम 
बोलते बोलते

घूमने गया था मैं तेरे शहर में 
तेरा शहर फीका लगा तेरे बिना 
खोज रही थी निगाहें तुम्हें 
चैन ना आया एक पल तेरे बिना 

कैसे कैसे वक्त बिताया मैं 
रोते रोते 
मायूषी में तन्हा महसूसा
चलते चलते 
अनायास आज आया तेरा नाम 
बोलते बोलते

मुस्कराहट के झुरमुट में छुपा लेता हूँ 
तुम एक याद हो नहीं समझा पाता हूँ 
चलते वक्त के साये में मैं चल लेता हूँ 
क्यों तुम दूर किये नहीं समझ पाता हूँ 

तुम तो रह लेते हो 
हँसते हँसते 
खोज लेते हो नए दोस्त 
उड़ते उड़ते 
अनायास आज आया तेरा नाम 
बोलते बोलते 




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