क्यों दुनिया को बदलना हम सब चाहते हैं
कितनी अच्छी तो यह दुनिया चल रही है
कोई मोजों में मस्त कोई सागर में व्यस्त
हर एक की दुनिया सचमच में चल रही है
मत तौलों किसी के चलने की चाल को
हर एक की चाल सचमुच में निराली है
दुःख से ना घबराओ,हो सके तो सवारों
हर बन्दे में परमात्मा की अनुपम छवि है
हम में से कोई बुरा नहीं बस थोड़ी सी अज्ञान है
जिस दिन अज्ञान छट जाता हम ज्ञानी हो जाते हैं
प्रेम प्यार से ही रहने को हम इस धरती पर आते हैं
एक पल या सौ पल खो जाएँ बस यही तो जिंदगी है
क्यों ना शिकवा करें हम अपनों से,सब तो अपने ही हैं
थोडा हंस ले थोडा गुनगुना ले बस यही जिंदगी है
राग द्वेष तो होता रहेगा अपनों से ही छलता रहेगा
इस छलने पे इतना क्या घबराना यही तो जिंदगी है
आकाश पाताल है सब सुना वहां भी अपनों को ढूंढते
जब यहाँ इतने सारे अपने भरे परे हैं फिर क्यों दुरी है
बस पहचान की देर है सवरों अपने सवारों औरों को
यही तो जिंदगी है यही तो खेल है उस खुदा का प्रेम है
क्यों दुनिया को बदलना हम सब चाहते हैं
कितनी अच्छी तो यह दुनिया चल रही है
कोई मोजों में मस्त कोई सागर में व्यस्त
हर एक की दुनिया सचमच में चल रही है
कितनी अच्छी तो यह दुनिया चल रही है
कोई मोजों में मस्त कोई सागर में व्यस्त
हर एक की दुनिया सचमच में चल रही है
मत तौलों किसी के चलने की चाल को
हर एक की चाल सचमुच में निराली है
दुःख से ना घबराओ,हो सके तो सवारों
हर बन्दे में परमात्मा की अनुपम छवि है
हम में से कोई बुरा नहीं बस थोड़ी सी अज्ञान है
जिस दिन अज्ञान छट जाता हम ज्ञानी हो जाते हैं
प्रेम प्यार से ही रहने को हम इस धरती पर आते हैं
एक पल या सौ पल खो जाएँ बस यही तो जिंदगी है
क्यों ना शिकवा करें हम अपनों से,सब तो अपने ही हैं
थोडा हंस ले थोडा गुनगुना ले बस यही जिंदगी है
राग द्वेष तो होता रहेगा अपनों से ही छलता रहेगा
इस छलने पे इतना क्या घबराना यही तो जिंदगी है
आकाश पाताल है सब सुना वहां भी अपनों को ढूंढते
जब यहाँ इतने सारे अपने भरे परे हैं फिर क्यों दुरी है
बस पहचान की देर है सवरों अपने सवारों औरों को
यही तो जिंदगी है यही तो खेल है उस खुदा का प्रेम है
क्यों दुनिया को बदलना हम सब चाहते हैं
कितनी अच्छी तो यह दुनिया चल रही है
कोई मोजों में मस्त कोई सागर में व्यस्त
हर एक की दुनिया सचमच में चल रही है
No comments:
Post a Comment