देखा जो तुझे भीड़ में
अंग अंग थे दमके हुए
मादकता छाया हुआ था
तेरे बदन से लिपटे हुए
छा गया मैं अजब नशा में
कुछ-कुछ मदहोश होते हुए
कब लिखने बैठ गया मैं
तेरे प्रति प्रेम जताते हुए
तू कितना भी कह लो मृगनैनी
नहीं दूर हो पाउँगा दूर रहते हुए
चाहे तू जी ले मुझसे दूर कहीं
पर हर पल तू होते घुलते हुए
तेरे नैनो की भाषा दिल में है पढ़ना
तेरा कभी मटकाना, कभी फुदकना
लचक-लचक कर इतरा कर चलना
दिल से हँसना, युहीं खिलखिलाना
मधुर संगीत सा तेरा यूँ लय में बंधना
उमड़-घुमड़ कर यूँ बदली सा टहलना
तेरा कभी इतराना - कभी इठलाना
हलकी-हलकी सी नाजुकता से शर्माना
बहका देता है मेरे दिल का हर कोना
अंग - अंग हो जाता है सोना - सोना
तुझ संग रमना, तेरे ही संग चलना
मेरा यह है कहना-पर तेरा चुप रहना
ला देता है हलचल मेरे जीवन में
दिल कर जाता रोते हुए
बच्चों सा कुछ मांगते हुए
बड़ा अपने को न समझते हुए
कुछ लजाते हुए
कुछ शरमाते हुए
संग चलने का कल्पना करते हुए
तेरे अंगों में गुदगुदी लगाते हुए
लाल-लाल चुनरी को छेड़ते हुए
तेरे उजले दामन में रंग भरते हुए
तुझे मुस्काते हुए
तुझे हंसी लगाते हुए
जीवन में तेरे संग गीत गाते हुए
अपना समय बिताते हुए
तुझसे कुछ-कुछ कहते हुए
तुझे अपना राग पढ़ाते हुए
नहीं कटता तेरे बिन जीवन का दौर
पर किसी तरह काटते हुए
खो जाता हूँ अक्सर तेरी याद करते हुए
अंग अंग थे दमके हुए
मादकता छाया हुआ था
तेरे बदन से लिपटे हुए
छा गया मैं अजब नशा में
कुछ-कुछ मदहोश होते हुए
कब लिखने बैठ गया मैं
तेरे प्रति प्रेम जताते हुए
तू कितना भी कह लो मृगनैनी
नहीं दूर हो पाउँगा दूर रहते हुए
चाहे तू जी ले मुझसे दूर कहीं
पर हर पल तू होते घुलते हुए
तेरे नैनो की भाषा दिल में है पढ़ना
तेरा कभी मटकाना, कभी फुदकना
लचक-लचक कर इतरा कर चलना
दिल से हँसना, युहीं खिलखिलाना
मधुर संगीत सा तेरा यूँ लय में बंधना
उमड़-घुमड़ कर यूँ बदली सा टहलना
तेरा कभी इतराना - कभी इठलाना
हलकी-हलकी सी नाजुकता से शर्माना
बहका देता है मेरे दिल का हर कोना
अंग - अंग हो जाता है सोना - सोना
तुझ संग रमना, तेरे ही संग चलना
मेरा यह है कहना-पर तेरा चुप रहना
ला देता है हलचल मेरे जीवन में
दिल कर जाता रोते हुए
बच्चों सा कुछ मांगते हुए
बड़ा अपने को न समझते हुए
कुछ लजाते हुए
कुछ शरमाते हुए
संग चलने का कल्पना करते हुए
तेरे अंगों में गुदगुदी लगाते हुए
लाल-लाल चुनरी को छेड़ते हुए
तेरे उजले दामन में रंग भरते हुए
तुझे मुस्काते हुए
तुझे हंसी लगाते हुए
जीवन में तेरे संग गीत गाते हुए
अपना समय बिताते हुए
तुझसे कुछ-कुछ कहते हुए
तुझे अपना राग पढ़ाते हुए
नहीं कटता तेरे बिन जीवन का दौर
पर किसी तरह काटते हुए
खो जाता हूँ अक्सर तेरी याद करते हुए



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