Saturday, April 1, 2017

प्यार कैसा हो


इस दर्द भरे समाचार पर मेरे दिल ने रो दिया।सच में प्यार का मतलब लोग नहीं समझते और आवेश में आकर किसी को मार देते या खुद मर जाते । मरना तो सबको है , पर अज्ञान में मरना और मारना बुद्धिमान को शोभा नहीं देता । हम मनुष्य का जीवन जानवर जीवन से ऊपर है । अतः मूर्खतापूर्ण जीने से अच्छा है ज्ञानपूर्वक जीना । अगर आपको लगता है कि यह भाव अच्छा है तो आगे बढ़ावें ।

प्यार कैसा हो इस पर अर्ज़ किया है ...

प्यार में अक्सर हमें पाना नहीं होता
क्या ये नहीं समझते हम भारत वाले
प्यार में दिल से रिश्ता बनाया जाता
क्या ये नहीं जानते प्यार करने वाले

प्यार शरीर में नहीं पाया जाता
ये प्यार है दिल में  पाया जाता
प्यार है अमृत, प्यार  है  पूजा
प्यार करके  ही बताया  जाता

तन की तपिश को प्यार ना कहो
तन केवल रखता है इस दिल को
तन को केवल नहीं चाहा जाता
ये दिल छोड़ जाता है इस तन को

रब ने बनाया  हम सब के तन को
रब के कृति को यूँ बर्बाद ना करते
मजबूरी में कोई रिश्ता ना रख पाता
ये रब की रजा है,क्यों नहीं मान लेते

अगर किसी कारण ना मिल सका है प्यार
बैठकर तस्सली से थोड़ा तो बात कर लेते
ये रूह का रिश्ता सच चलता सदियों तक
ये दिल ही रूह है,कम से कम ये जान लेते

एक उम्र के बाद, ये शरीर है मर जाता
मगर रूह रहता हमेशा, ये याद रखते
प्यार होती है पहचान रूह से रूह का
इस रूह को अपने शरीर में पहचानते

फिर कैसे तकलीफ दे सकते हो तुम
अगर तुम सही में रूह को जान लेते
उस रूह को यादकर तुम मुस्कुरा लेते
ऐसे ही याद करते हैं उसको बता देते

मारकर बर्बाद ना करो रब के कृति को
ना तुम स्वयं इस शरीर को बर्बाद करो
प्यार होता है  रूह से  रूह का  रिश्ता
इस सच्चाई को दिल से अनुभव करो

प्यार करने वाले से प्यार का भाव कैसा हो, दो शेर में अर्ज़ किया है...

वक्त कोई हो तो ये बता दो
कि किस वक्त तुम्हें मैं याद नहीं करता
तेरे रहने से हम हमेशा मुस्कुराते,
ये सोचकर मेरा दिल है मुस्कुरा लेता

सचमुच अगर जान लो प्यार को
प्यार मारता नहीं,मगर जिलाता है
प्यार में संग अगर ना रह पाये भी
बिन संग रहे भी हर पल मुस्कुराता है

-बीरेन ☺

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